Wednesday, May 9, 2007

वादा


"अगर हम एक आंसू होते-
तो उनकी आंखों से हो कर-
उनके होटों पर मरना पसंद करते....
ओर अगर वो मेरी आंखों का आंसू होते-
तो वादा है की-
हम जिंदगी भर ना रोते.... "

ले.- प्रवीण कुमार , एक प्यारा दोस्त जो आज हम सबके बिच नहीं है।

1 comment:

राजीव जैन Rajeev Jain said...

कलम के धनी प्रवीण को मेरा सलाम